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बजट 2021 : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज पेश करेंगी देश का बजट

आज का दिन काफी अहम है. अहम इसलिए है, क्योंकि आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2021-22 का आम बजट पेश करेंगी. इस साल पहली बार यह बजट पेपरलेस होगा. माना जा रहा है कि कोरोना महामारी की मार झेल रहे लोगों को इस बजट में राहत मिल सकती है.

वहीं नौकरीपेशा लोगों के लिए टैक्स में भी कटौती हो सकती है. कारोबारियों के लिए भी राहतों का एलान हो सकता है. कुछ चीजें महंगी भी हो सकती हैं और कुछ सामानों पर कर घटाया जा सकता है. सरकार कई वस्तुओं पर सीमा शुल्क में कटौती कर सकती है.

यह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का तीसरा केंद्रीय बजट होगा. सीतारमण संसद में बजट पेश करेंगी और भाषण देंगी. वित्त मंत्री सीतारमण बजट 2021 का अपना भाषण 1 फरवरी को सुबह 11 बजे शुरू करेंगी.

बता दें कि बजट सत्र की शुरुआत शुक्रवार से हो गया है. संसद के बजट सत्र का पहला हिस्सा 15 फरवरी को समाप्त होगा. दूसरा हिस्सा 8 मार्च से शुरू होकर 8 अप्रैल तक चलेगा.

यह एक अंतरिम बजट समेत मोदी सरकार का नौवां बजट होने वाला है. यह बजट ऐसे समय पेश हो रहा है, जब देश कोविड-19 संकट से बाहर निकल रहा है. इसमें व्यापक रूप से रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास पर खर्च को बढ़ाने, विकास योजनाओं के लिये उदार आवंटन, औसत करदाताओं के हाथों में अधिक पैसा डालने और विदेशी कर को आकर्षित करने के लिए नियमों को आसान किए जाने की उम्मीद की जा रही है.

सीतारमण ने 2019 में अपने पहले बजट में चमड़े के पारंपरिक ब्रीफकेस को बदल दिया था और लाल कपड़े में लिपटे ‘बही-खाते’ के रूप में बजट दस्तावेजों को पेश किया था. उन्होंने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष का बजट इस तरीके का होगा, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया.

वहीं विपक्ष ने बजट सत्र में सरकार को घेरने का मन बनाया है. 18 विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाहिष्कार का एलान किया था. बजट सत्र के दौरान पिछली मानसून सत्र की तरह ही इस सत्र में भी कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा.

बजट 2021 पेश होने से पहले एक अच्छी खबर सामने आई है. वित्त मंत्रालय के अनुसार कोविड-19 महामारी के कारण घटते राजस्व संग्रह के साथ जूझ रहे देश को बड़ी राहत मिली है. जनवरी महीने में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह ने 1.2 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड स्तर छुआ.

वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘जनवरी 2021 में 31 तारीख की शाम छह बजे तक जीएसटी राजस्व संग्रह 1,19,847 करोड़ रुपये रहा. इसमें केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) 21,923 करोड़ रुपये, राज्यों का जीएसटी (एसजीएसटी) 29,014 करोड़ रुपये, एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) 60,288 करोड़ रुपये (सामानों के आयात से प्राप्त 27,424 करोड़ रुपये) और उपकर 8,622 करोड़ रुपये (माल के आयात पर एकत्र 883 करोड़ रुपये सहित) शामिल है.’

31 जनवरी तक दिसंबर महीने के भरे गए जीएसटीआर -3 बी फॉर्म की कुल संख्या 90 लाख है. जीएसटी बिक्री रिटर्न दाखिल करने की अधिक संख्या के कारण यह आंकड़ा और अधिक हो सकता है.

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