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बच्चों की मौत का सिलसिला जारी, रहस्यमई बुखार की चपेट में हैं कई गांव

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में मासूम बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है. रहस्यमई बुखार की वजह से ये आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. सरकारी की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों की मानें तो अब तक 55 मौतें हो चुकी हैं. इस बीच अब भी लगातार मासूम बच्चे काल के गाल में समा रहे हैं. अगर बात ग्रामीण इलाकों की करें तो अब तक कई गांव इस वायरल बुखार की चपेट में आ चुके हैं.

लगातार हो रही है बच्चों की मौत

एबीपी गंगा की टीम आज गांव गोकुल के नगला में पहुंची तो वहां एक बच्चे की मौत हो गई जिसका नाम शिवांक था. शिवांक की उम्र 6 वर्ष थी और उसको सरकारी मेडिकल कॉलेज में एक दिन पहले भर्ती किया गया था. जब उसकी हालत बिगड़ी तो उसे आगरा रेफर कर दिया गया. आगरा एक प्राइवेट हॉस्पिटल में उसकी मौत हो गई. इसी तरह इसी गांव में 10 दिन पहले एक साल के बच्चे हिमांशु की भी मौत इस रहस्यमई बुखार से हो चुकी है. गांव के लोगों का ये भी कहना है कि पास के गांव मुस्ताबाद में 3 बच्चे काल के गाल में समा चुके हैं. मासूम बच्चों की मौत के बाद उनके परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है.

बड़ों को भी है बुखार

बदहाली और इस दर्द की आवाज ना तो जिला अधिकारी के कानों में पहुंची है और ना ही स्वास्थ्य विभाग की टीम फिक्रमंद नजर आ रही है. 18 अगस्त से अब तक चल रहे इस वायरल बुखार में अभी तक स्वास्थ्य टीम ने दवाई के नाम पर एक टेबलेट भी किसी मरीज को नहीं दी है. इसी गांव में कई लोगों के बच्चे बीमार हैं. ग्रामीणों का तो ये कहना है कि करीब 100 से ज्यादा बच्चे बीमार है और इतनी ही संख्या में बड़े भी बीमार हैं. सबका इलाज अलग-अलग हॉस्पिटलों में चल रहा है.

हर घर में हैं बीमार बच्चे

एबीपी गंगा की टीम ने जब गांव के कई घरों में जाकर देखा तो पता लगा कि राजवीर सिंह के घर में 5 से 6 बच्चे बीमार निकले. यही हालत पिंटू यादव के घर में भी थी, उनके बच्चे भी बीमार थे. सुजान सिंह के घर में भी दो बच्चे बीमार थे. दर्जन सिंह के यहां भी उनके बच्चे बीमार थे. रणवीर सिंह की बात करें तो उनके घर में भी बच्चे बीमार थे और रामेश्वर के परिवार में भी बच्चे बीमार थे. ऐसे तमाम नाम हैं जिनके घर में बच्चे बीमार थे लेकिन इन सब का बस एक ही दर्द है कि अभी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोई मदद नहीं की है.

गांव में है गंदगी

ये भी देखने को मिला कि गांव का जो रास्ता है, जहां से गांव में घुसते हैं वहां बहुत ज्यादा जलभराव और कीचड़ है. लोगों को निकलने में परेशानी होती है गंदगी है. मच्छर पनप रहे हैं लेकिन सफाईनहीं की गई है. गांव के लोगों ने प्रधान मनोज से भी शिकायत की, लेकिन मनोज ने भी कुछ नही किया.

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