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प्रयागराज का गौरवशाली इतिहास, आजादी से पूर्व दो प्रधानमंत्री बने थे म्युनिसिपैलिटी बोर्ड के अध्‍यक्ष

प्रयागराज: प्रयागराज म्युनिसिपैलिटी बोर्ड (अब नगर निगम) का गौरवशाली इतिहास रहा है। यहां की म्युनिसिपैलिटी में दो पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू एवं लाल बहादुर शास्त्री अध्यक्ष रहे हैं। आजादी के पहले प्रयागराज के नगर निगम में कई जननायकों को बोर्ड का अध्यक्ष बनने का सौभाग्य मिला था। इन्हीं एक थे कामता प्रसाद कक्कड़। उनका सबसे लंबा पांच साल का कार्यकाल रहा था। वे 1924 से 1936 तक अध्यक्ष रहे थे।
1867 में प्रयागराज म्युनिसिपैलिटी कमेटी का गठन हुआ था
प्रयागराज के नगर आयुक्त रहे मुन्नी लाल पांडेय बताते हैं कि प्रयागराज म्युनिसिपैलिटी कमेटी का गठन 1867 में हुआ था। उस समय 13 शहरों में म्युनिसिपैलिटी कमेटी का गठन ब्रिटिश हुकूमत ने किया था। तब यहां दो वर्ष के लिए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष नामित किए जाते थे। अंग्रेजी हुकूमत के अधिकारी ही उस समय अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष बनाए जाते थे। हालांकि अंग्रेजों ने 1863 में अपने स्तर पर म्युनिसिपैलिटी कमेटी गठित की थी। इसमें 50 सदस्यों का नामित किया गया था। कमेटी में छह सदस्य पदेन थे। बाकी 19 सदस्यों को चुनने की प्रक्रिया की जाती थी।
कामता प्रसाद का कार्यकाल सबसे अधिक रहा
वैसे 1883 में उत्तर पश्चिम प्रांत एवं अवध को म्यूनिसिपैल्टी को सीमित अधिकार दिए गए। 1916 में इलाहाबाद म्युनिसिपैलिटी बोर्ड का गठन हुआ। तब इसके अध्यक्ष शिवचरण दास बनाए गए। पुरुषोत्तम दास, जवाहरलाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, कपिल देव मालवीय, कैलाशनाथ काटजू, रणेंद्रनाथ बसु भी बोर्ड के अध्यक्ष क्रमश:बने। कामता प्रसाद का कार्यकाल सबसे अधिक रहा। वे 1924 से 1936 तक इस पद पर रहे।
पहली बार हुए चुनाव में बीएन पांडेय जीते थे
मुन्नीलाल पांडेय बताते हैं कि 1959 में पहली बार यूपी नगर महापालिका अधिनियम पारित हुआ। अधिनियम के तहत पहली बार नगर पालिका का चुनाव शुरू हुआ। प्रयागराज में भी अध्यक्ष का चुनाव हुआ। बीएन पांडेय ने चुनाव लड़ा। वे पहली चुनकर आए और इतिहास बनाया। बाद में पैसे वाले खरीद फरोख्त से चुनाव जीतने लगे। इधर नगर निगम में महापौर का चुनाव जनता के वोटों से होने लगा।

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