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जियो प्लेटफॉर्म्स में 7.73 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए 33737 करोड़ रुपये निवेश करेगी गूगल

रिलायंस एटीएम की 43वीं बैठक जारी है। मुकेश अंबानी ने इस बैठक में कहा कि गूगल जियो प्लैटफॉर्म्स में 7.7 फीसदी हिस्सेदारी के लिए 33737 करोड़ रुपये निवेश करेगी। गूगल के निवेश के साथ ही रिलायंस में अब निवेश का आंकड़ा 1.52 लाख करोड़ पर पहुंच गया। इस तरह अब तक 14 कंपनियां जियो में निवेश कर चुकी हैं। जियो और गूगल मिलकर एंड्रॉयड बेस्ड स्मार्टफोन के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम बनाएगी। मुकेश अंबानी ने कहा कि हम भारत को 2G मुक्त करेंगे और सभी लोगों तक 4जी स्मार्टफोन पहुंचाएंगे।

मुकेश अंबानी ने अपने संबोधन में एनर्जी सेक्टर के सामने दो सबसे बड़ी चुनौती को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि क्लाइमेट चेंज और क्लिन ऐंड अफॉर्डेबल एनर्जी दो ऐसी बातें हैं, जिनसे इनकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एनर्जी इंडस्ट्री को यह समझना होगा कि फॉसिल्स फ्यूल ( crude oil, coal, natural gas, or heavy oils) और रिन्यूएबल एनर्जी म्यूचुअली एक्सक्लूसिव नहीं है। पहला तीन औद्योगिक क्रांति फॉसिल्स फ्यूल पर आधारित है, जिससे इस प्रकृति को काफी नुकसान पहुंचा है। कॉर्बन साइकल पूरी तरह बिगड़ चुका है। चौथी औद्योगिक क्रांति में दुनिया की कोशिश कॉर्बन साइकिल को वापस ट्रैक पर लाने की होनी चाहिए।

अंबानी ने कहा कि प्रकृति सबसे बड़ी शिक्षक है। हमें इस बात को समझना होगा कि प्रकृति कुछ भी बर्बाद नहीं करती है, बल्कि हर तरह के चीजों को री-साइकिल कर देती है। उन्होंने CO2 के री-साइकिलिंग पर जोर दिया और कहा कि इसे वेस्ट की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज आने वाले समय में क्रूड ऑयल और नैचुरल गैस का इस्तेमाल करती रहेगी, लेकिन हमारी कोशिश उस टेक्नॉलजी को अपनाने की होगी जिससे CO2 की रीसाइकिलिंग हो सके। CO2 रीसाइकिलिंग की मदद से कंपनी नया प्रॉडक्ट तैयार करना चाहती है।

रिलायंस के ऑयल टू केमिकल बिजनस के भविष्य को लेकर एजीएम में मुकेश अंबानी ने कहा कि रिलायंस के साथ दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां पेट्रोकेमिकल बिजनस में स्ट्रैटिजीक पार्टनरशिप करना चाहती हैं। इस पार्टनरशिप की मदद से हम भारत के केमिकल आयात को घटाएंगे। भारत अभी भी बड़े पैमाने पर दूसरे देशों से केमिकल का आयात करता है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में रिलायंस का ऑयल टू केमिकल बिजनस काफी ग्रो करने वाला है। भारत इन दोनों के लिए खुद ही एक बहुत बड़ा मार्केट है।

एनर्जी बिजनस को लेकर कहा कि कोरोना महामारी के कारण इस पर व्यापक असर हुआ है। इसलिए एनर्जी बिजनस को लेकर हमने जो लक्ष्य रखा था, उस टाइमलाइन से फिलहाल पीछे चल रहे हैं। कंपनी सऊदी अरामको के साथ लॉन्ग टर्म पार्टनरशिप के लिए प्रतिबद्ध है। रिलायंस का लॉन्ग टर्म विजन ऑयल टू केमिकल बिजनस के अलावा पूरे एनर्जी बिजनस में नई संभावनाओं को तलाशना है।

लॉकडाउन के कारण बिजनस और कन्ज्यूमर ऐक्टिविटी बुरी तरह प्रभावित हुई। इसके कारण डिमांड पर काफी खतरनाक असर हुआ। डिमांड में आई गिरावट के बावजूद रिलायंस के सभी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स 90 फीसदी कपैसिटी के साथ चलते रहे। हमने हालात को समझने की कोशिश की और जब अपने देश में लॉकडाउन लागू था तब कंपनी ने पेट्रोकेमिकल्स और फ्यूल एक्सपोर्ट को बढ़ाया। दो सप्ताह में यह 2.5 गुना तक बढ़ गया है। अप्रैल 2020 में रिलायंस के O2C बिजनस का भारत के कुल निर्यात में हिस्सेदारी करीब 50 फीसदी थी।

फेसबुक के साथ करार को लेकर मुकेश अंबानी ने कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज और फेसबुक की दोस्ती से इंडिया को डिजिटल इंडिया बनाने में मदद मिलेगी। हमारा मकसद देश को डिजिटली एम्पॉवर करना है। हम एंटरप्रेन्योर और अलग-अलग बिजनस को मजबूत करना चाहते हैं। आने वाले दिनों में यह पार्टनरशिप रीटेल सेक्टर के लिए संभावनाएं पैदा करेगी। देश में 60 मिलियन (6 करोड़) से ज्यादा छोटे व्यापारी हैं। इस पार्टनरशिप से उन्हें फायदा होगा। पिछले दिनों फेसबुक ने जियो प्लैटफॉर्म्स में 9.99 फीसदी हिस्सेदारी 43574 करोड़ में खरीदा था।

मुकेश अंबानी जियोमार्ट की मदद से ई-कॉमर्स दिग्गज फ्लिपकार्ट और ऐमजॉन को पानी पिलाने की तैयारी में हैं। इन कंपनियों को टक्कर देने के लिए जियोमार्ट वॉट्सऐप का इस्तेमाल करेगी। उनका मकसद वॉट्सऐप की मदद से किराना दुकानदारों और छोटे व्यापारियों को ई-कॉमर्स से जोड़ना है।

मुकेश अंबानी ने कहा कि रिलायंस रीटेल भारत का सबसे बड़ा और प्रॉफिटेबल रीटेल बिजनस है। विश्व में यह सबसे तेजी से विकास करने वाला रीटेल बिजनस है। यह एकमात्र भारतीय रीटेलर है जो दुनिया की टॉप-100 रीटेलर कंपनियों में शामिल है

गूगल से साथ साझेदारी को लेकर मुकेश अंबानी ने कहा कि हम मिलकर एंड्रॉयड बेस्ड स्मार्टफोन के लिए ऑपरेटिं सिस्टम बनाएंगे। इस पार्टनरशिप से भारत 2G मुक्त होगा। अंबानी ने कहा कि हमारा मकसद सभी भारतीय के हाथों में स्मार्टफोन देना है। भारत में करीब 35 करोड़ 2जी फीचर फोन यूजर्स हैं। गूगल और जियो मिलकर इन लोगों के लिए सस्ता स्मार्टफोन बनाएगी। जियो का मकसद 30 करोड़ लोगों को 2जी से 4जी में अपग्रेड करना है। उन्होंने कहा कि JioPHONE अभी भी दुनिया का सबसे अफॉर्डेबल 4जी स्मार्टफोन है।

अंबानी ने कोरोना को इतिहास का सबसे बड़ा संकट बताते हुए उम्मीद जताई कि भारत और दुनिया जल्दी ही इससे उबरने में कामयाब रहेगी। उन्होंने कहा कि 50 लाख यूजरों ने जियोमीट को डाउनलोड किया है। इसे जियो की युवा टीम ने हाल में विकसित किया है। उन्होंने कहा कि जियो ने घरेलू तकनीक से 5जी सॉल्यूशन विकसित किया है और दूसरे देशों को इसका निर्यात किया जाएगा। अंबानी ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि जियो फाइबर से 10 लाख से अधिक घर जुड़ गए हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी के लिए पूंजी जुटाने का लक्ष्य पूरा हो गया है। कंपनी ने जियो,राइट्स इश्यू और बीपी से 212809 करोड़ रुपये कमाए।

इस मौके पर कंपनी ने लर्निंग एप इम्बाइब लॉन्च करने की घोषणा की जो बायजूस को कड़ी टक्कर देगा। कोरोना के दौरान 200 से अधिक शहरों में जियोमार्ट लॉन्च किया गया। कंपनी ने कहा कि जियोमार्ट किराने का भरोसेमंद सॉल्यूशन बनकर उभरा है। कंपनी ने ऑडियो-वीडियो के लिए जियोग्लास लॉन्च करने की घोषणा की। छोटे दुकानदारों की मदद के लिए जियोमार्ट और whatsapp मिलकर करेंगे।

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