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जितेंद्र गोगी हत्याकांड में पुलिस ने 2 लोगों को CCTV फुटेज की मदद से किया गिरफ्तार, कोर्ट के पास ही रुके हुए थे हत्यारे

देश की राजधानी दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में बीते शुक्रवार दोपहर को हुई गोलीबारी में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल  ने कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है. स्पेशल सेल की गिरफ्त में आए दोनों लोगों की पहचान उमंग और विनय के रूप में हुई है. स्पेशल सेल ने दोनों को कोर्ट के गेट नंबर 4 के CCTV फुटेज के आधार पर गिरफ्तार किया है. यह दोनों आरोपी उत्तर पश्चिमी दिल्ली के हैदरपुर के रहने वाले हैं.

दरअसल, रोहिणी कोर्ट में बीते शुक्रवार दोपहर को दो हमलावरों ने पेशी के लिए आए गैंगस्टर जितेन्द्र उर्फ गोगी (30) की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इससे कोर्ट कैंपस में भगदड़ मच गई थी. इस दौरान गोगी को पेशी के लिए लाए स्पेशल सेल के कमांडो ने दोनों हमलावरों को कोर्ट रूम में ही मार गिराया. रोहिणी कोर्ट में दोनों ओर से हुई फायरिंग में 30 से 35 राउंड गोलियां चलीं थीं. इस घटना की सूचना मिलने पर जिले के आलाधिकारी मौके पर पहुंच थे.

घटना के बाद बढ़ाई गई कोर्ट की सुरक्षा

रोहिणी के DCP प्रवण तायल ने बताया कि दिल्ली के टॉप-10 गैंगस्टर में शुमार जितेंद्र मान गोगी को रोहिणी कोर्ट रूम 207 में हत्या की कोशिश के एक मामले में पेशी के लिए लाया गया था. कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही थी कि एडवोकेट की ड्रेस पहने दो हमलावरों ने गोगी पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. इस दौरान गोगी को 3 से 4 गोलियां लगीं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई. इसी बीच स्पेशल सेल के कमांडो ने दोनों हमलावरों को मौके पर ढेर कर दिया. इस दौरान कोर्ट रूम में लगभग 15-20 मिटन तक गोलियां चलती रहीं. इसके बाद कोर्ट की सुरक्षा को बढ़ा दी गई है.

बदमाशों ने रैकी के बाद दिया घटना को अंजाम

बता दें कि रोहिणी कोर्ट में शुक्रवार को बदमाशों ने दिल्ली के टॉप मोस्ट बदमाश जितेंद्र उर्फ गोगी की हत्या कर दी. शुरूआती जांच के बाद ही मामले में सुनील उर्फ टिल्लू ताजपुरिया का नाम सामने आया. इस मर्डर केस की जांच का क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है. बीते शनिवार को डीसीपी के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम जांच के लिए रोहिणी कोर्ट पहुंची. इस दौरान क्राइम व एफएसएल की टीमें भी मौजूद रही. पुलिस सूत्रों के मुताबिक अभी तक की जांच में टिल्लू के अलावा बागपत के बदमाश सुनील राठी और नवीन बाली के नाम भी सामने आ रहे हैं. माना जा रहा है कि जेल में रहने के बावजूद जितेंद्र गोगी की ताकत बढ़ रही थी. ऐसे में टिल्लू ने सुनील राठी और नवीन के साथ मिलकर साजिश रची. जांच-पड़ताल के दौरान पुलिस के हाथ कुछ अहम CCTV फुटेज मिले हैं. जिससे पता चलता है कि हमलावरों ने रैकी करने के बाद ही घटना को अंजाम दिया है.

 कोर्ट से कुछ दूरी पर फ्लैट में रुके थे हमलावर

दिल्ली पुलिस की शुरूआती जांच में पता चला है कि घटना को अंजाम देने से पहले हमलावर रोहिणी कोर्ट से 3 किमी दूर एक फ्लैट में रुके थे. पुलिस अधिकारी इस बात की जानकारी कर रहे हैं कि ये फ्लैट किसका है और यहां कौन-कौन रुका हुआ था. इसके अलावा पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की मदद से जांच में जुटी है. सूत्रों के अनुसार कई दिनों तक हमलावर यहां रुके. इसके बाद घटना को अंजाम देने की योजना बनाई. यहीं पर हमलावरों को हथियार भी उपलब्ध करवाए गए. इसके बाद हमलावर कार से कोर्ट पहुंचे और घटना को अंजाम दिया.

गोगी के गैंग में 200 से ज्यादा शूटर थे मौजूद

गौरतलब है कि सूत्रों के अनुसार बीते 1 दशक के दौरान जितेंद्र गोगी ने अपनी ताकत को बहुत बढ़ा लिया था. जबरन वसूली, हत्या, हत्या के प्रयास, लूटपाट जैसी वारदात को अंजाम देने के लिए उसके शूटर हमेशा तैयार रहते थे. फिलहाल वह दिल्ली, हरियाणा समेत आसपास के कई प्रदेशों में अपने गैंग की कमान संभाल रहा था. हालांकि अभी उसके गैंग में 200 से ज्यादा लड़के काम कर रहे हैं.

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