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चौबेपुर थाने के पूर्व SHO विनय तिवारी और दरोगा केके शर्मा गिरफ्तार

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के घर हुए एनकाउंटर में पूर्व SHO विनय तिवारी की अहम भूमिका बताई जा रही है। इन्हीं आरोपों के आधार पर चौबेपुर थाने के पूर्व एसएचओ विनय तिवारी और एक अन्य इन्स्पेक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है। विनय तिवारी पर आरोप है कि उन्होंने ही विकास दुबे को खबर दे दी थी कि पुलिस उसके घर छापा मारने वाली है।

कानपुर रेंज के आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया, ‘चौबेपुर के पूर्व एसएचओ विनय तिवारी और बीट इनचार्ज के के शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है। ये दोनों एनकाउंटर के वक्त मौजूद थे लेकिन बीच में ही उस जगह को छोड़कर चले गए।’ गैंगस्टर विकास दुबे को बचाने में चौबेपुर थाने के एसएचओ विनय तिवारी और अन्य पुलिसकर्मियों की संलिप्तता के आरोप लगने के बाद इसकी जांच के आदेश दिए गए थे। शुरुआती जांच में यह सही पाया गया। जांच में सामने आया कि थाने में तैनात कई पुलिस उपनिरीक्षक, हेड कॉन्स्टेबल और कॉन्स्टेबल हिस्ट्रीशीटर दुबे के लिए मुखबिरी कर रहे थे।

पूरा चौबेपुर थाना हुआ लाइनहाजिर

मंगलवार को थाने में तैनात सभी 68 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया था। उनके खिलाफ विस्तृत जांच की जा रही है। उसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। बिल्हौर के तत्कालीन पुलिस क्षेत्राधिकारी देवेंद्र मिश्रा ने उन्हें चौबेपुर के थानाध्यक्ष विनय तिवारी और गैंगस्टर विकास दुबे के करीबी रिश्तों का आरोप लगाते हुए कार्रवाई के लिए कथित रूप से पत्र लिखा था।

आरोप ही के विनय तिवारी की विकास दुबे के साथ नजदीकियों के चलते ही उन्होंने दबिश की सूचना विकास तक पहुंचाई। आरोप है कि विनय तिवारी के विकास दुबे से घनिष्ठ संबंध थे। आरोप है कि होली में बिकरू गांव के ही राहुल तिवारी को विकास और उसके साथियों ने जान से मारने का प्रयास किया। इसके बावजूद विनय ने एफआईआर नहीं दर्ज की। राहुल ने सीओ देवेंद्र मिश्रा से गुहार लगाई तो उनके हस्तक्षेप के बाद केस दर्ज किया गया।

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