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कानपुर मुठभेड़ में शहीद पुलिसकर्मियों का पूरे राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

झांसी। कानपुर के विकास दुबे मुठभेड़ कांड में शहीद हुए झांसी के सिपाही सुल्तान सिंह का पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके गृह निवास ग्राम बूड़ा भोजला में अंतिम संस्कार कर दिया गया। शुक्रवार को मध्य रात्रि शहीद सुल्तान सिंह (34) का पार्थिव शरीर पुलिस लाइन झांसी लाया गया जहां उन्हें सलामी दी गई। साथ ही पुलिस प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान शहीद सुल्तान के परिजन एवं बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी उपस्थित रहे। इस मौके पर रेंज के आईजी सुभाष बघेल सहित जिलाधिकारी ए. वामसी, एसएसपी ङी. प्रदीप कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

जिला अधिकारी वामसी ने कहा कि शहीद सुल्तान सिंह के परिजन को शासन द्वारा घोषित आर्थिक मदद एवं परिजन को सरकारी नौकरी अविलंब दी जाएगी। साथ ही उनके परिजनों को हरसंभव मदद दी जाएगी और कहा कि शासन-प्रशासन उनके परिवार के साथ खड़ा है। बृहस्पतिवार देर रात को कानपुर में हुई एक मुठभेड़ के दौरान अपराधियों की गोलियों का शिकार हुए पुलिसकर्मियों में से एक कॉन्स्टेबल सुल्तान सिंह झांसी के सीपरी बाजार क्षेत्र में बूढ़ा भोजला गांव के रहने वाले थे।

उधर, कानपुर में पुलिस उपाधीक्षक देवेंद्र कुमार मिश्रा का अंतिम संस्कार शनिवार दोपहर शहर के भैरोघाट पर किया गया। शहीद मिश्रा का अंतिम संस्कार उनकी बेटी वैष्णवी मिश्रा ने किया। भावुक वैष्णवी को मिश्रा के परिजन और पुलिस अधिकारियों ने ढाढस बंधाया। इस मौके पर एडीजी जेएन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश प्रभु के अलावा प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे।  एसएसपी दिनेश प्रभु ने कहा कि शहीद मिश्रा का बलिदान व्यर्थ नही जाएगा। शहीद देवेंद्र मिश्रा बिल्हौर में क्षेत्राधिकारी के पद पर तैनात थे।

मुठभेड़ में शहीद होने वाले पुलिसकर्मियों में बिल्हौर के क्षेत्राधिकारी डिप्टी एसपी देवेंद्र मिश्रा (54), थानाध्यक्ष, शिवराजपुर महेश कुमार यादव (42), सब इंस्पेक्टर अनूप कुमार सिंह (32), सब इंस्पेक्टर नेबू लाल (48), कॉन्स्टेबल जितेंद्र पाल (26), सुल्तान सिंह (34), बबलू कुमार (23) और राहुल कुमार (24) शामिल हैं। गौरतलब है कि बृहस्पतिवार देर रात कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के गांव बिकरू निवासी कुख्याती अपराधी विकास दुबे को पकड़ने उसके गांव पहुंची पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया था जिसमें एक क्षेत्राधिकारी, एक थानाध्यक्ष समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए। मुठभेड़ में पांच पुलिसकर्मी, एक होमगार्ड और एक असैन्य नागरिक घायल भी हुआ।

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