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आज रहेगी सियासी सरगर्मी : सलमान खुर्शीद, अनुप्रिया पटेल सहित कई नेता प्रयागराज में

विधान सभा चुनाव होनेे को भले ही अभी कई महीने बाकी हों लेकिन सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। शनिवार को शहर में भी ऐसा ही महौल बना रहेगा। बीजेपी से लेकर कांग्रेस सहित तमाम छोटी पार्टियों के कद्दावर नेता शहर में हैं और वे अपनी चुनावी रणनीतियों को ही साधने के लिए सियासी गतिविधियों में हिस्सा लेंगे।

कांग्रेस विधान सभा चुनाव के मद्देनजर अपना घोषणा पत्र तैयार कराने में जुटी है। इसके लिए उसने घोषणा पत्र निर्माण कमेटी का गठन किया है। अचानक इस कमेटी का कार्यक्रम प्रयागराज में तय कर दिया गया। इसमें पूर्व विदेशमंत्री सलमान खु्र्शीद, पीएल पुनिया, राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत सहित कई बड़े नेता आज यहां शहर में होंगे।

वे यहां न केवल पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे बल्कि समाज के विभिन्न् वर्गों से भी मुलाकात कर आगामी चुनावी रणनीतियों को तय करेंगे। सलमान खुर्शीद बमरौली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद सीधे दारागंज घाट पर जाएंगे। वहां वह निषादों से, पंडों से और सागर पेशा से जुड़े लोगों से बात करेंगे।

इसके बाद उनकी वार्ता समाज के दूसरे तबकों जैसे वकील, किसानों, व्यापारियों, ट्रेड यूनियन नेताओं के साथ होगी। इस बातचीत का मकसद ही जनता की नब्ज टटोलना है और उसी के आधार पर अपनी सियासी समीकरण को आगे बढ़ाना है। उधर, प्रदेश के प्रमुख पार्टी बसपा ने भी शनिवार को पार्टी के नेता सतीश मिश्रा की पत्नी कल्पना मिश्रा की अगुवाई में प्रबुद्ध सम्मेलन का आयोजन किया है।

इसका मकसद सवर्णों के साथ समाज के पढ़े-लिखे तबकों को साथ लाना है, जिससे कि बसपा नई सियासी समीकरण बना सके। उधर, आप सांसद संजय सिंह भी शनिवार को शहर में हैं। वे अपनी सभा करेली में अपनी सभा कर बहुत से लोगों को सदस्यता भी दिलाएंगे। अपना दल एस की अनुप्रिया भी शहर में ही है। हालांकि, उनका कोई बड़ा कार्यक्रम नहीं है लेकिन पार्टी नेताओं के मुताबिक वह सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं के साथ आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा करेंगी।

इसके अलावा विकासशील इंसान पार्टी के मुखिया और बिहार सरकार मत्स्य एवं पशुपालन मंत्री मुकेश साहनी भी होंगे। उनका आगामी चुनावों के मद्देनजर निषाद समाज के लोगों को साधेंगे। इन सबके इतर केंद्र और राज्य की सत्ताधारी पार्टी के कई कद्दावर नेताओं का जमावड़ा है। वे भी अपने-अपने तरीके से चुनावी रूझान को समझने के लिए आए हैं। इससे शनिवार का दिन सियासी समीकरणों के बीच बीतेगा।

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