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अमेठी में बीजेपी को ब्राम्हण प्रत्याशियों पर नहीं रहा भरोसा ।

आगामी 2022 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं । जिसको लेकर प्रदेश एवं देश दोनों का नेतृत्व जबरदस्त मंथन में लगा हुआ है । आखिर किस तरह से उसको चुनाव में बहुमत हासिल हो इसी बात को लेकर अभी कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश सरकार में एके शर्मा को शामिल करते हुए महत्वपूर्ण पद पर आसीन किया गया । जिससे कहीं ना कहीं ब्राह्मण मतदाताओं को नई दिशा प्रदान की जा सके। उत्तर प्रदेश एवं नई दिल्ली दोनों की राजनीति का केंद्र बिंदु अमेठी में इसके विपरीत चल रहा है । ब्लाक प्रमुख चुनाव से पहले अमेठी जिले की सभी 13 ब्लॉकों की सूची भारतीय जनता पार्टी की जिला कार्यकारिणी के द्वारा जारी कर दी गई है । जिसमें कुल 11 ब्लॉकों में भारतीय जनता पार्टी अपने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की है । जिसमें से एक भी पद पर ब्राह्मण प्रत्याशी को मौका नहीं दिया गया । जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि भारतीय जनता पार्टी को अमेठी में ब्रह्मणों पर भरोसा नहीं रहा । ऐसे में ब्रह्मणों को नाराज कर भारतीय जनता पार्टी कैसे 2022 का चुनाव फतेह करेगी ? कहीं ना कहीं यह सोचने पर मजबूर कर देता है। जबकि उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के ही दृष्टिगत केंद्र सरकार मैं आज ही उत्तर प्रदेश से 7 सांसद मंत्री बनाए गए इससे और भी स्पष्ट हो जाता है कि इस समय बीजेपी की निगाह सिर्फ उत्तर प्रदेश पर लगी हुई है वह किसी भी कीमत पर प्रदेश में अपना वर्चस्व कायम रखना चाहती है। शायद इसीलिए जहां पर चुनाव हो चुका है वहां के मंत्रियों से इस्तीफा लेकर उत्तर प्रदेश के सांसदों को मंत्री बनाया जा रहा है। बात का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं की अभी हाल में ही पश्चिम बंगाल में चुनाव संपन्न हुआ है और वहां से केंद्रीय मंत्री देबसरी चौधरी से इस्तीफा मांग लिया गया। जिससे उत्तर प्रदेश के सांसदों को मौका दिया जा सके और तुष्टीकरण की राजनीति चमकाई जा सके।

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