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अमेठी: एएनएम से अभद्र आचरण करने वाले डॉक्टर को बना दिया गया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का प्रभारी

अमेठी: एक तरफ जहां पर केंद्र और राज्य की भारतीय जनता पार्टी की सरकार महिला सुरक्षा को लेकर बहुत ही संजीदा नजर आ रही है और मिशन शक्ति जैसे कार्यक्रम को लगातार गति दे रही है। वहीं दूसरी तरफ अमेठी जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष दुबे सरकार की मंशा के विपरीत कार्य करते नजर आ रहे हैं । सीएमओ साहब ने महिलाओं से दुर्व्यवहार करने वाले डॉक्टर को पुरस्कार के रुप में उसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक बना दिया है।

जी हां यह मामला अमेठी जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिंहपुर का है। जहां पर लगभग 2 वर्ष पूर्व सिंहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में तैनात level-2 के चिकित्साधिकारी डॉ संतोष कुमार गुप्ता व चिकित्सक डॉ बाबर कादरी पर सीएचसी में ही तैनात एएनएम से दुर्व्यवहार किए जाने के संबंध में शिकायत की गई थी। जिसकी शिकायत पर प्रमुख सचिव माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ के पत्र संख्या -507 दिनांक 13/11/2019 के अनुपालन में जिसमें एडीएम वित्त एवं राजस्व, जिला विकास अधिकारी के साथ एसीएमओ की तीन सदस्यीय कमेटी के द्वारा जांच की गई थी और जिसकी रिपोर्ट प्रमुख सचिव चिकित्सा अनुभाग उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ को 24/2/2020 को प्रेषित की गई थी। जिसमें डॉक्टर संतोष गुप्ता के ऊपर उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 के नियम 7 के अंतर्गत अनुशासनिक कार्यवाही संस्थित की गई थी। जिसमें तत्कालीन जांच के दौरान यह पाया गया था कि डॉक्टर गुप्ता शराब का सेवन करते हैं और ड्यूटी के दौरान भी शराब पिए रहते हैं।

यही नहीं डॉ गुप्ता पर राजकीय कार्यों में रुचि ना लेने तथा कर्तव्य और दायित्व का निर्वहन न करने के कारण आम जनता को स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं समुचित रूप से नहीं उपलब्ध हो पा रही थी । इस प्रकार डॉक्टर गुप्ता द्वारा राजकीय कार्य में रुचि ना लेने तथा कर्तव्यों एवं दायित्वों का सम्यक रूप से निर्वहन न करने के कारण आम जनता को कठिनाई हो रही थी। जिसके कारण डॉ गुप्ता का यह कृत्य शासकीय कर्तव्य एवं पदीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही तथा उदासीनता का द्योतक माना गया था। डॉ गुप्ता उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली 1956 के नियम 3 के उल्लंघन के प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए।

डॉ गुप्ता पर राज्यपाल की तरफ से नियुक्त किए गए जांच अधिकारी द्वारा शुक्रवार को दोपहर 12 बजे डॉ रविन्द्र बाबू गौतम अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण चित्रकूट धाम मण्डल बांदा के नेतृत्व में टीम जांच के लिए सिंहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँची। जैसे ही जांच टीम के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंची तत्काल सीएचसी परिसर में हड़कंप मच गया। वही जांच टीम लगभग तीन घण्टे सीएचसी पर मौजूद रह कर आरोप लगाने वाली एएनएमों व स्टाप से पूछताछ करते हुए साक्ष्य संकलन किया और वापस चले गए। ऐसे में अभी भी डॉक्टर संतोष गुप्ता का सीएचसी प्रभारी बने रहना कहीं ना कहीं जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है । यही नहीं जो शराब, शबाब और कबाब का शौकीन डॉक्टर हो उससे किस प्रकार के नैतिकता की उम्मीद की जा सकती है।

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