मनोरंजन

राजपाल यादव को नहीं पसंद वेब शोज, कहा- मुझे गालियों के बिना भी तालियां मिली हैं

एक्टर और कॉमेडियन राजपाल यादव (Rajpal Yadav) जो हमेशा अपनी कॉमेडी से हंसाते हैं, उनका कहना है कि वह खुद को ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए परफेक्ट नहीं पाते हैं. उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान कहा, ‘ओटीटी का ट्रेंड काफी चल रहा है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि मैं इसमें फिट हो सकता हूं. कुछ सालों से जिस तरह की वेब सीरीज आ रही हैं, मैं उनसे बिल्कुल भी रिलेट नहीं करता. मुझे गाली देना नहीं पसंद, लेकिन यही इन दिनों वेब सीरीज में चल रहा है. मुझे बिना गालियों के तालियां मिली है अपने काम के लिए.’

राजपाल ने आगे कहा, ‘मैं वो चीजें कभी नहीं करता जिन्हें मैं रियल लाइफ में पसंद नहीं करता. मैं गलत बातें बोलकर कमाई नहीं करना चाहता और शुक्र है कि ऐसा मैं नहीं करता. मैं बहुत खुशनसीब हूं कि 2 दशक के बाद भी लोग मुझे देखकर बोर नहीं हुए हैं. मैं इसका पूरा क्रेडिट अपने फैंस को देना चाहता हूं जिन्होंने मेरे अंदर के एक्टर को जिंदा रखा है.’

बता दें कि राजपाल लास्ट ‘कुली नंबर 1’ और ‘हंगामा 2’ में नजर आए थे जो ओटीटी पर ही रिलीज हुई हैं. राजपाल यादव को आपने ज्यादातर फिल्मों में सपोर्टिंग रोल में देखा होगा. उनका कहना है कि सिर्फ एक ही शख्स है जिन्होंने उन्हें फिल्म में बतौर लीड रोल में लिया था वो हैं राम गोपाल वर्मा. राम गोपाल वर्मा के साथ राजपाल ने कई फिल्मों में काम किया है.

राम गोपाल ने दिया लीड हीरो बनने का मौका

राजपाल ने कहा, ‘सिर्फ राम गोपाल वर्मा ने ही मुझे बतौर लीड रोल अपनी फिल्म में काम करवाया था और उसका नाम है मैं माधुरी दीक्षित बनना चाहती हूं.’ उन्होंने आगे कहा, ‘उस समय मैं अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सलमान खान, अजय देवगन, शाहरुख खान औ रऋतिक रोशन के साथ अवॉर्ड्स के लिए नॉमिनेट हुआ था.’

अपनी फिल्मों के रीमेक करने का एक्सपीरियंस

बता दें कि राजपाल अपनी कई फिल्मों के सीक्वल में काम कर रहे हैं जिसमें कुली नंबर 1, हंगामा 2 और भूल भुलैया 2 जैसी फिल्में शामिल हैं. तो जब राजपाल से पूछा गया कि उनके लिए कितना चैलेंजिंग है अपनी ही हिट फिल्मों के सीक्वल में काम करना. तो उन्होंने कहा, उम्मीदें सबसे खतरनाक चीज है इस दुनिया में. मैंने कभी खुद को हीरो नहीं कहा क्योंकि मैंने कई रियल हीरो देखे हैं अपनी जिंदगी में. जो शख्स ग्लास की खिड़की को साफ करता है या जो पहाड़ों से एक परफेक्ट सुरंग निकालता है. इन लोगों के कम्पेयर में मैं खुद को जीरो समझता हूं. लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि मैं खुद को कम समझता हूं. मेरा वैल्यू बढ़ जाती है जब उसमें जीरो जुड़ता है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button