ट्रेन के सामने आकर की सुसाइड, सामने आई झंकझोर देने वाली वजह

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लखनऊ(यूपी)29 मई को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के मैगलगंज कस्बे में रेलवे लाइन पर एक व्यक्ति का कटा शव मिला। ट्रेन की पटरी पर मिले शव की पहचान मैगलगंज की नई बस्ती निवासी भानु प्रकाश गुप्ता के रुप में हुई।शव के पास मिले सुसाइड नोट ने सबको चौंका दिया और फिर सामने आई वह दुःख भरी कहानी जो कि इस लॉक डाउन में लगातार सामने आ रही हैं।भानु गुप्ता लखीमपुर के पड़ोसी जिले शाहजहांपुर में एक होटल पर खाना बनाने का काम करते थे। लेकिन लॉकाडाउन के बाद होटल बंद हो गया और भानु बेरोजगार हो गए।चल रही खबरों से जो जानकारी हुई उसके मुताबिक मृतक भानु बहुत उदार थे और उनको सांस की बीमारी थी, होटल बंद होने के बाद पैसों का अकाल पड़ गया।कुछ लोगों से मदद चाही तो जो हो सकी उन्होंने की।जब थक गए तो उन्होंने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी।

सुसाइड नोट में लिखा है कि “मैं यह सुसाइड गरीबी और बेरोजगारी की वजह से कर रहा हूं। गेहूं चावल सरकारी कोटे से मिलता है पर चीनी, पत्ती, दूध, दाल, सब्जी, मिर्च, मसाले परचून वाला अब उधार नहीं देता। लॉक डाउन बराबर बढ़ता जा रहा है। नौकरी कहीं नहीं मिल रही।” सुसाइड नोट में यह भी लिखा है कि सरकार की तरफ से उन्हें राशन मिल रहा था। लेकिन बाकी सामान खरीदने के लिए दुकानदार ने उधार देने से मना कर दिया था। सुसाइड नोट में भानु गुप्ता ने आगे लिखा.. “मुझे खांसी, सांस जोड़ों का दर्द, दौरा और अत्यधिक कमजोरी, चलना दूभर, चक्कर आदि हैं। मेरी विधवा मां भी दो साल से खांसी बुखार से पीड़ित हैं। तड़प-तड़प कर जी रहे हैं। लॉकडाउन बराबर बढ़ता जा रहा है। नौकरी कहीं मिल नहीं रही है, जो काम हो की खर्चा चलाएं व इलाज कराएं। हमें न कोई शासन का सहयोग मिला…”

सोशल मीडिया पर उनका सुसाइड नोट जमकर वायरल हो रहा है।विपक्षी दलों ने सरकार की नीतियों पर निशाना लगाना शुरू कर दिया है।कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी सोशल मीडिया पर भानु प्रकाश गुप्ता आत्महत्या पर सहानुभूति व्यक्त करते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा किया है।

इस संबंध में लखीमपुर के जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने मीडिया को दिए अपने बयान में कहा कि मृतक के परिवार को उसके व उसकी मां के अन्त्योदय राशन कार्ड बने थे। उन पर 40 किलो राशन का उठान भी हुआ है। जिला प्रशासन भानु के परिवार की हर संभव सहायता करेगा।

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